महेन्द्र फाउंडेशन (महेन्द्र फाउंडेशन) एक स्वतंत्र, पेशेवर एवं वैधानिक धर्मार्थ ट्रस्ट (Maharashtra Charity Commissioner Reg. No. E-31680 (Mumbai)) है, जो वर्ष 2015 से समाज के वंचित, असहाय एवं निर्धन वर्गों के उत्थान हेतु निरंतर कार्यरत है।
महेन्द्र फाउंडेशन की विधिवत स्थापना 11 अप्रैल 2015 को पंजीकृत ट्रस्ट डीड (Trust Deed) के माध्यम से की गई थी। इसके उपरांत महाराष्ट्र लोक धर्मार्थ ट्रस्ट अधिनियम 1950 (Bombay Public Trusts Act, 1950) के अंतर्गत सहायक धर्मादाय आयुक्त, ग्रेटर मुंबई संभाग द्वारा पंजीकरण क्रमांक E-31680 (Mumbai) आवंटित कर इसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्रदान की गई।
ट्रस्ट डीड (पृष्ठ 13) के अनुसार ₹1,00,000 की प्रारंभिक निधि के साथ परोपकारी संकल्प की प्रणेता।
आयकर धारा 12AB व 80G के अंतर्गत दान पर 50% आयकर छूट अनुमन्य स्थायी पंजीकृत ट्रस्ट।
ट्रस्ट डीड के खंड 11 (First Board of Trustees of the Trust) एवं धर्मादाय आयुक्त रिकॉर्ड अनुसार संस्था के संस्थापक न्यासी:
"समाज के सबसे कमजोर वर्ग के बच्चे को उत्तम शिक्षा और असहाय बुजुर्गों को गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना ही संस्था का मूल संकल्प है।"
"सच्ची सेवा वह है जो धरातल पर प्रत्यक्ष रूप से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक व स्थायी बदलाव ला सके।"
"हमारा ध्येय समाज के अंतिम पंक्ति के जरूरतमंद परिवार को आत्मनिर्भर, शिक्षित व सम्मानजनक जीवन देना है।"
"सच्ची समाजसेवा वही है जो कागजों से निकलकर जमीनी धरातल पर अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाए।"
पंजीकृत ट्रस्ट डीड के पृष्ठ 15 एवं 16 पर उल्लिखित प्रमुख धर्मार्थ एवं सामाजिक उद्देश्य:
वंचित व मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षण सामग्री, मध्याह्न भोजन, स्कूल ड्रेस एवं उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति प्रदान करना।
धर्मार्थ औषधालय, मोबाइल मेडिकल वैन, एम्बुलेंस सेवा, स्वास्थ्य जांच शिविर एवं जरूरतमंद मरीजों को जीवनरक्षक दवाओं का वितरण।
बेसहारा, उपेक्षित व निराश्रित वृद्धजनों हेतु वृद्धाश्रम, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य देखभाल एवं आदरयुक्त वातावरण की व्यवस्था।
जरूरतमंद महिलाओं हेतु सिलाई, हस्तशिल्प, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र एवं स्वयं सहायता समूहों के जरिए आजीविका सशक्तिकरण।
कच्ची बस्तियों एवं जरूरतमंद परिवारों में सूखा राशन वितरण, भोजन सेवा एवं प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित राहत अभियान।
व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, जल संचयन जागरूकता, स्वच्छता अभियान एवं समाज के सभी वर्गों के मध्य सौहार्दपूर्ण विकास।
आप संस्था के आजीवन सदस्य बनकर अथवा अपने स्वेच्छा अनुदान के माध्यम से समाज के निर्धन एवं वंचित परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण ला सकते हैं।